
BTKIT Director Addresses Incoming Cohort at Orientation, Champions Global SDGs and Next-Gen Tech Innovation
- Posted by BTKIT Admin
- Categories Events
- Date August 22, 2026
द्वाराहाट, 21 अगस्त 2026। बी.टी.के.आई.टी. (बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), द्वाराहाट में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए निदेशक प्रो. संतोष कुमार हम्पन्नावर के साथ एक विशेष संवादात्मक एवं प्रेरणात्मक सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ शोध, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स तथा सतत विकास के प्रति जागरूक करना रहा।
संवाद के दौरान निदेशक प्रो. संतोष कुमार हम्पन्नावर ने विद्यार्थियों से सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर चर्चा करते हुए बताया कि इंजीनियरिंग शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के तकनीकी एवं नवाचारी समाधान विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को SDGs को अपने शैक्षणिक कार्य, परियोजनाओं और भविष्य के शोध से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने शोध एवं नवाचार को इंजीनियरिंग शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों से प्रश्न पूछने, समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि एक अच्छे इंजीनियर की पहचान केवल तकनीकी ज्ञान से नहीं, बल्कि समस्या-समाधान की क्षमता, रचनात्मक सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी से होती है।
सत्र में रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निदेशक ने कहा कि आधुनिक तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और आने वाले समय में AI तथा रोबोटिक्स लगभग सभी इंजीनियरिंग शाखाओं को प्रभावित करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को इन उभरती तकनीकों को समझने और अपने क्षेत्र के साथ एकीकृत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने Inclusive Workshop की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने, प्रयोग करने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने का समान अवसर मिले। विद्यार्थियों को टीमवर्क, सहयोग और विविध विचारों का सम्मान करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
संवाद के दौरान गणित की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। प्रो. हम्पन्नावर ने समझाया कि गणित केवल एक विषय नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों की आधारभूत भाषा है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग सीखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में प्रोग्रामिंग का ज्ञान केवल कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित लगभग सभी इंजीनियरिंग क्षेत्रों में प्रोग्रामिंग और कम्प्यूटेशनल सोच का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे और निदेशक ने उनके साथ खुले एवं संवादात्मक वातावरण में विचार-विमर्श किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने चार वर्षीय इंजीनियरिंग सफर का अधिकतम लाभ उठाने, नियमित रूप से नई तकनीकों को सीखने तथा शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनी शिक्षा का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इस संवादात्मक सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। सत्र ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के व्यापक उद्देश्य, बदलती तकनीकी दुनिया और भविष्य की संभावनाओं को समझने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
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